लाइफस्टाइल

घर की हवा होगी साफ और बनी रहेगी पॉजिटिव एनर्जी, इसलिए जरूर लगाएं ये पौधे

पेड़-पौधों का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। एक रिसर्च में पाया गया की  बिना पौधे वाले कमरों की तुलना में पौधे वाले कमरों में धूल और गंदगी कम पाई जाती है। पत्तियां और पौधे नैचुरल फिल्टर के रूप में काम करते हैं। कम प्रकाश वाले पौधे जैसे सदाबहार, पीस लिली  और अन्य पौधे कीड़ों को पकड़ने में बेहतर साबित होते हैं। आइए जानते हैं इन्हें घर के अंदर लगाने के क्या फायदे है। .
मूड अच्छा रखते हैं पौधे
पौधे न सिर्फ पर्यावरण को शुद्ध रखते हैं बल्कि ये हमारे जीवन पर सकरात्मक प्रभाव भी डालते हैं जिससे आप बीमार भी कम पड़ते हैं। जो लोग ऑफिस में अपने साथ पौधे रखते हैं, वह तनाव मुक्त रहकर काम करने में सक्षम होते हैं। लिपिस्टिक प्लांट को अपने ऑफिस या घर पर रखना अच्छा ऑप्शन माना गया है। 

ह्यूमिडिटी घटाए स्पाइडर प्लांट
सर्दियों के मौसम में घर के अंदर रखे एयर कंडीशनर नमी पैदा कर देते हैं। इससे फ्लू और इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। एक शोध के अनुसार, आपके कमरे में स्पाइडर प्लांट का कलेक्शन रिलेटिव ह्यूमिडिटी को 20% से बढ़ाकर 30% तक कर देता है। 

एयर प्यूरीफायर
कालीन, पेंट, क्लीनर, प्रिंटर टोनर व स्याही और कई अन्य चीजें जिसमें प्रदूषण फैलाने वाले कण आसानी से चिपक सकते हैं, यह सांस में जाकर अस्थमा होने का खतरा पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा आंखों के साथ-साथ त्वचा को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इंग्लिश आइवी, एस्परागस फर्न और ड्रैगन ट्री नामक पौधे अच्छे एयर प्यूरीफायर का काम करते हैं। 

पाचन में करते हैं मदद 
मिंट और तुलसी पेट की समस्या को दूर करने में कारगर माने जाते हैं। यह पाचन क्रिया को दुरूस्त करने में मदद करते हैं। 

लैवेंडर करता है स्ट्रेस को दूर 
लैवेंडर का पौधा हर्बल दवाइयों के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसे सूंघने से या सिर पर इसके तेल की मालिश करने से मेंटल स्ट्रेस दूर हो सकती है। लैवेंडर की पत्तियों का इस्तेमाल चाय बनाने में भी किया जाता है। 

ऐलोवेरा
आयुर्वेद में एलोवेरा का इस्तेमाल कई सालों से दवाइयों के रूप में किया जाता रहा है। यह त्वचा संबंधी समस्या जैसे सोरायसिस आदि को ठीक करने में मदद करता है। एलोवेरा का जूस कब्ज की समस्या को भी दूर करता है। 

नींद अच्छी लाए 
पौधे सूर्य के प्रकाश में कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ देते हैं। इसे फोटोसिंथेसिस या प्रकाश संश्लेषण नामक प्रक्रिया कहा जाता है। पर कुछ पौधे जैसे गरबेरा डेजी सूरज ढलने के बाद भी ऑक्सीजन छोड़ते रहते हैं। कहा जाता है कि इस पौधे को कमरे में रखने से अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है जिससे नींद अच्छी आती है। 

आजकल की लाइफस्टाइल में काम के प्रेशर की वजह से ब्लड प्रेशर का बढ़ना, दिल से जुड़ी बीमारी का खतरा या मेंटल स्ट्रेस और कई अन्य समस्या पैदा हो सकती है। एक रिसर्च में पाया गया है कि अपने घर में हार्ट-लीफ फिलोडेन्ड्रॉन या स्नेक प्लांट रखने से मेंटल स्ट्रेस के अलावा इन समस्याओं को कम किया जा सकता है। 

पौधे एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह पौधे याददाश्त मजबूत करते हैं जिससे सारा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रिंत रहता है और बच्चे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। एक शोध में पाया गया कि गणित, वर्तनी और विज्ञान की परिक्षाओं में बिना किसी पौधों वाली कक्षा के बच्चों की तुलना में उन बच्चों ने ज्यादा अंक प्राप्त किए जिनकी कक्षा में पौधे थे। गोल्डन पोथोस और बैंबू पाल्म जैसे पौधे एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है। 
शोध के अनुसार, मरीजों के कमरे में पौधे या आस-पास हरियाली होने से वे तेजी से ठीक होते हैं। हरियाली से घिरे होने पर उन्हें ठीक करने में कम दवाइयों की जरूरत होती है। ऐसे में आर्किड या पीस लिली अच्छा ऑप्शन है। 
कुछ थेरेपिस्ट का मानना है कि बागवानी करने से डिप्रेशन, सिजोफ्रेनिया और अन्य मानसिक रोगों को ठीक किया जा सकता है। पेड़-पौधों की देखभाल करने से याददाश्त तेज होती है, मेंटल हेल्थ सुधरती है और आप पॉजिटिव महसूस करते हैं। 

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