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‘आई एम लेजेंड’ में नहीं दिखाई गई वैक्सीन की नाकामी से जॉम्बी बनते लोगों की कहानी

क्या हॉलीवुड सुपरस्टार विल स्मिथ स्टारर फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ में वैक्सीन की नाकामी से जॉम्बी बनते लोगों की कहानी दिखाई गई थी? सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग ऐसा दावा कर रहे हैं। 
एक फेसबुक यूजर ने इस बारे में लिखा, “मैं किसी को डराना नहीं चाहता लेकिन क्या किसी को आई एम लेजेंड फिल्म याद है? इसमें साल 2021 की कहानी दिखाई गई थी और वैक्सीन के नाकाम होने की वजह से लोग जॉम्बी बन रहे थे।”

हालांकि, फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ में साल 2021 की नहीं बल्कि साल 2012 की कहानी दिखाई गई थी। इसमें लोग किसी वैक्सीन के नाकाम होने की वजह से नहीं, ब​ल्कि इंसान के बनाए एक वायरस की वजह से जॉम्बी जैसे जीवों में तब्दील हो रहे थे। 

एक यूजर ने फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ से जुड़े इस सनसनीखेज दावे को लेकर किए गए एक पोस्ट पर कमेंट किया, “मैं किसी कीमत पर वैक्सीन नहीं लगवाऊंगी, पता नहीं उसका क्या असर हो।”

क्या है सच्चाई
साल 2007 में रिलीज फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ एक साइंस फिक्शन फिल्म है। इसमें एक ऐसी काल्पनिक महामारी का खौफनाक मंजर दिखाया गया है, जिसमें एक वायरस की वजह से दुनिया के ज्यादातर लोग मर चुके हैं। फिल्म का हीरो रॉबर्ट नेविल एक वैज्ञानिक है जो पूरी फिल्म में रेडियो सिग्नल भेजकर दूसरे जिंदा लोगों से संपर्क करने और वायरस का तोड़ बनाने की कोशिश करता रहता है। फिल्म में रॉबर्ट का किरदार एक्टर विल स्मिथ ने निभाया है। 

ये फिल्म रिचर्ड मैथेसन नामक लेखक के उपन्यास ‘आई एम लेजेंड’ पर आधारित थी, जो 1954 में छपा था। इस उपन्यास में भविष्य की कल्पना करते हुए 1970 के दौर की कहानी सुनाई गई थी। 

फिल्मी स्क्रिप्ट्स की मशहूर वेबसाइट ‘script-o-rama’ के मुताबिक, 2007 में आई फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ में 2012 की एक काल्पनिक कहानी दिखाई गई थी। 
फिल्म समीक्षा की वेबसाइट ‘रील रीव्यूज’ में दी गई इस फिल्म की समीक्षा में भी यही लिखा है कि इसमें कल्पना की गई थी कि साल 2012 में ऐसा होगा। 

इस फिल्म में लोग इंसान के बनाए एक वायरस के असर से इंसानी मांस खाने वाले डार्कसीकर नाम के जीवों में बदल जाते हैं। ये जानकारी चर्चित फिल्म वेबसाइट ‘स्क्रीनरैंट’ में दी गई है। किसी भी विश्वसनीय वेबसाइट में ऐसा नहीं लिखा है कि इस फिल्म में किसी वैक्सीन की नाकामी की वजह से लोग जॉम्बी बन गए थे। 
इससे पहले ‘रॉयटर्स’ और ‘स्नोप्स’ वेबसाइट्स भी इस दावे की सच्चाई बता चुकी है। 

ये दावा एक ऐसे दौर में किया जा रहा है, जब दुनिया भर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। यानी, स्पष्ट तौर पर, लोगों में वैक्सीन को लेकर खौफ पैदा करने के मकसद से ऐसा कहा जा रहा है कि फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ में साल 2021 की कहानी दिखाई गई थी और इसमें लोग वैक्सीन की नाकामी से जॉम्बी बन गए थे। 

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