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लावारिस मिला बुजुर्ग का शव 216 घंटे से स्ट्रैचर पर ही पड़ा है

शर्मनाक! यह शब्द एसके अस्पताल के लिए है। क्योंकि-किसी परिवार के लिए इससे दर्दनाक कुछ नहीं हो सकता। शव को सम्मान मिलना ही चाहिए, लेकिन अस्पताल में शव की बेकद्री करना बेहद ही शर्मनाक है। लंबे समय से अस्पताल की मोर्चरी में डीप फ्रीजर खराब है। 26 मार्च को डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्किल के पास सड़क पर एक बुजुर्ग का शव पड़ा मिला था। अभी तक इसकी पहचान नहीं हो पाई है। उसी दिन से शव मोर्चरी में रखा हुआ है।

शव डीप फ्रीजर नहीं होने की वजह से सड़ गया है। शव को स्ट्रैचर पर रखा गया है। शव को सुरक्षित रखने के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। शव को खुले में रखे करीब 216 घंटे हो चुके हैं। इस वजह से पूरी मोर्चरी में दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। डीप फ्रीजर को ठीक करने का खर्चा महज 42 हजार रुपए है।

इसके बाद भी शवों के साथ इस तरह की अमानवीयता करना बेहद गलत है। एसके अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट का कहना था कि मोर्चरी का डीप फ्रीजर खराब है। उसे ठीक करवाने के लिए कई बार लिखित में दिया जा चुका है। बावजूद इसके अभी तक ठीक नहीं हुआ है। बगैर डीप फ्रीजर के 24 घंटे बाद शव खराब हाेने लगता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। गर्मी में ताे शव की हालत और भी जल्दी खराब हाेने लगती है।

लोगों को शव सुरक्षित रखने खुद ही लाना पड़ता है किराए पर डीप फ्रीजर
एसके अस्पताल में एक डीप फ्रीजर है। इसमें तीन शव सुरक्षित रखे जा सकते हैं। चौंकाने वाला मामला ये है कि डीप फ्रीजर कई महीनों से खराब है। यह किसी संस्था की तरफ से दिया गया था, लेकिन एसके अस्पताल प्रबंधन इसे ठीक तक नहीं करा रहा। चिंताजनक ये है कि यदि किसी परिवार को किसी वजह से शव डीप फ्रीजर में रखवाना पड़े तो उसे किराए पर खुद ही डीप फ्रीजर लेकर आना पड़ता है। इसके लिए उसे 1500 से 2000 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं।

1. डीप फ्रीजर लाने में खर्च हाे गए 1500 रुपए
31 मार्च की रात काे माेहल्ला खटीकान में लाला उर्फ दीनदयाल चावला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मृतक के जानकार रामस्वरूप कुमावत और राजेंद्र बागड़ी ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए वे शव काे लेकर सुबह एसके अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचे थे। यहां उन्हें कहा गया कि डीप फ्रीजर लंबे समय से खराब है।

ऐसे में शव काे सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर की सुविधा उन्हें अपने स्तर पर ही जुटानी होगी। ये लाेग बुच्याणी पहुंचे और 500 रुपए की रसीद कटवाई और किराए पर डीप फ्रीजर गाड़ी में लेकर मोर्चरी पहुंचे। बूच्याणी से डीप फ्रीजर लाने और उसे वापस रखवाने में उन्हें गाड़ी वाले काे एक हजार रुपए चुकाने पड़े।

2. शव काे रखने के मांगे पांच सौ रुपए
वार्ड 50 राधाकिशनुपरा निवासी रविसिंह ने बताया कि उनकी पत्नी रागिनी कंवर ने शुक्रवार काे फंदा लगाकर जान दे दी थी। उसका शव लेकर जब एसके अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचा ताे कहा गया कि डीप फ्रीजर खराब हाेने के कारण शव काे सुरक्षित रखने के लिए 500 रुपए देने पड़ेंगे। उन्होंने 500 रुपए देकर शव वहां रखवा दिया।

पीएमओ ने कहा- डीप फ्रीजर ठीक करवाने के लिए कह दिया है
एसके अस्पताल के पीएमओ डाॅ. अशाेक चाैधरी का कहना है कि तकनीकी खामियाें के कारण डीप फ्रीजर खराब हाेता रहता है। पता लगते ही उसे ठीक करवाने का काम शुरू करवा दिया गया है। शनिवार काे ही मैकेनिक की टीम काे बुला कर डीप फ्रीजर काे दिखवाया गया है।

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