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अजमेर में बेरोजगार युवक ने रात में सो रहे पूरे परिवार पर किया हमला

अजमेर के भिनाय कस्बे में देर रात डरा देने वाली वारदात हुई। यहां एक युवक ने अपनी ही मां और छोटे भाई के सिर में हथौड़ा मारकर हत्या कर दी। आरोपी अपने पिता और तीन भाइयों की भी हत्या करना चाहता था। हल्ला और शोर शराबा होने से मुहल्ले के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े जिससे वे घायल जरूर हुए लेकिन जान बच गई। वारदात के बाद आरोपी घर से फरार हो गया। आरोपी अमरचंद्र जांगिड़ (25) ने बीएड किया है और वह REET की तैयारी कर रहा था।

आरोपी युवक की नीयत पूरे परिवार को खत्म करने की थी। शुरुआती पूछताछ में बताया जा रहा है कि आरोपी डिप्रेशन में था। वह करीब दो साल से जयपुर रहकर रीट की तैयारी कर रहा था। परीक्षा नहीं होने के कारण वह तनाव में था। नौकरी भी नहीं मिल रही थी। संभवत: इसी तनाव में उसने वारदात की। हालांकि, पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही इस वारदात के कारण से पर्दा उठ पाएगा।

रात 2 बजे की घटना, सबसे पहले मां को मारा
पुलिस ने बताया कि जिस परिवार में यह खूनी वारदात हुई, वह फर्नीचर बनाने का काम करता है। मां-पिता गांव में रहते थे, जबकि बाकी सभी पांच भाई जयपुर में रहते थे। इनके एक भाई ताराचंद्र का अजमेर में अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। बुधवार दिन में ही सभी भाई गांव आए थे। बुधवार रात करीब 2 बजे आरोपी अमरचंद्र अपने कमरे से बाहर निकला। उसने बिजली का कटआउट निकालकर घर की लाइट बंद कर दी। घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। मां कमला देवी (60) के कमरे में गया। उनके सिर में हथौड़ा मारा जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यहां से वह छोटे भाई शिवराज (22) के कमरे में गया और उसके भी सिर में हथौड़ा मारा। शिवराज ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस बीच शोर-शराबा होने लगा। आरोपी को रोकने के लिए बाहर सो रहे पिता रामधन (65) और दूसरे कमरों में सो रहे तीन अन्य भाई भागचन्द, ओमप्रकाश व ताराचंद्र दौड़े। आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। वह उन सभी की हत्या करना चाहता था। हथौड़े के हमले में तीनों घायल हो गए। तेज आवाज सुनकर मुहल्ले के कुछ लोग जाग बचाने के लिए दौड़े लेकिन पकड़े जाने के डर से आरोपी मौके से भाग गया।

रात को पूरा परिवार खाना खाकर सोया था
भिनाय के कस्बे में हुई इस वारदात का कारण किसी के समझ में नहीं आ रहा है। बताया जाता है कि रात में परिवार के सभी लोग आराम से खाना खाकर सोए। कोई विवाद वाली बात नहीं थी। एक रिश्तेदार ने बताया- जिस अमरचंद्र ने वारदात को अंजाम दिया, वह अकसर चुपचाप रहता था। ज्यादा किसी से बात नहीं करता। इस दिन भी परिवार के लोग निश्चिंत दिखे, आसपास के लोगों से बात की। परिवार या अमरचंद्र को किसी भी तरह की परेशानी का किसी को आभास नहीं हुआ।

हत्या के वक्त अजीब हरकत कर रहा था आरोपी
हत्या के वक्त आरोपी जिस तरह की हरकत कर रहा था वह भी उसके डीप डिप्रेशन में होने की तरफ इशारा करती हैं। पुलिस ने बताया कि सबसे पहले अमरचंद्र ने घर की लाइट बंद की और बाहर का दरवाजा बंद किया। इसके बाद मां के कमरे में गया और एक हथौड़े में ही उनकी हत्या कर दी। छोटे भाई शिवराज के कमरे में जाकर कहा- मां बुला रही है। वह जैसे ही उठा उसके सिर में भी हथौड़ा मार दिया। फिर हल्ला हुआ तो ऊपर की मंजिल में सो रहे भाई दौड़कर पहुंचे। बाहर सो रहे पिता की नींद भी टूट गई। लेकिन दरवाजा बंद होने के कारण वह बगल की छत से कूदकर अंदर आए। वहां आरोपी उनको देखकर बोला-कुछ नहीं हुआ आप जाओ...फिर उसने सभी भाई और पिता पर हमला करना शुरू कर दिया।

जयपुर में ही रहते थे पांचों भाई
आरोपी व उसके चारों भाई जयपुर में रह रहे थे। अमरचंद और शिवराज दोनों की ही अभी शादी नहीं हुई है। पिता गांव में फर्नीचर बनाने का काम करते हैं। तीन अन्य भाई जयपुर में रहकर काम करते हैं। इनमें से दो भाई शादीशुदा हैं। वारदात के बाद अजमेर से एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।

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