कोरोना

कोरोना के कारण अब हो रहे उल्टी-दस्त, मसल्स पर भी दिख रहा असर

जिले में बुधवार को 84 नए मरीज मिले। वहीं संक्रमण से 71 वर्षीय महिला की मौत हो गई। कोरोना ज्यादा खतरनाक हो गया है। इतना खतरनाक कि आरटी-पीसीआर जांच में भी पकड़ में नहीं आ रहा। कई मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच निगेटिव मिल रही है, लेकिन एचआर-सीटी जांच में स्कोर 12 से 15 तक पहुंच गया है। 15 स्कोर का मतलब-आपके आधे फेफड़े कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।

कोरोना का लक्षण बदलना चिंताजनक है। पहले खांसी-जुकाम इसके मुख्य लक्षण थे, लेकिन इस बार उल्टी-दस्त हो रहे हैं व वायरस मसल्स पर अटैक कर रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि कोरोना की ताकत पिछली बार के मुकाबले 70% बढ़ गई है। एसके अस्पताल की ओपीडी में 10 दिन में ऐसे तीन मरीज सामने आए, जिन्होंने उल्टी-दस्त और चक्कर की शिकायत की। बार-बार पेट दर्द की शिकायत कर रहे थे। जांच में कोरोना पॉजिटिव मिले। सांवली के कोविड अस्पताल में दो दिन भर्ती रहने के बाद एक मरीज में कोरोना के पुराने लक्षण सामने आए। जबकि दो में कोई लक्षण नहीं थे।

श्रीमाधोपुर में 22 व दांता में 18 मरीज मिले
जयपुर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती सीकर शहर निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला को सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया और हार्ट संबंधी बीमारी भी थी। जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 105 हो गई है। जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 10188 हो गई है। इनमें से 9510 स्वस्थ हो चुके हैं। 573 एक्टिव केस हैं।

बुधवार को श्रीमाधोपुर ब्लॉक में सबसे ज्यादा 22, नीमकाथाना में 18, सीकर शहर व फतेहपुर में 11-11, दांता में 8, लक्ष्मणगढ़ में 4, खंडेला-कूदन में 3-3 पॉजिटिव मिले। पॉजिटिव आए व्यक्तियों में 33 क्लोज संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। 32 लक्षणात्मक, रेंडम सैंपलिंग में डायलिसिस से पहले जांच करवाने पर एक और छह माइग्रेट संक्रमित पाए गए हैं।

कोविड हॉस्पिटल में 24 घंटे रहेंगे डॉक्टर
सांवली कोविड हॉस्पिटल में अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे डॉक्टर तैनात रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने 1 लाख 90696 सैम्पलों की जांच की है, जिनमें से 1 लाख 77368 की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। 1101 सैम्पल प्रक्रियाधीन हैं। जिले की रिकवरी दर 93.35% है।

कोविड अस्पतालों को ही मिलेंगे रेमडीसिविर
स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव सिद्वार्थ महाजन ने रेमडीसिविर व टोसिलीजूमॉब इन्जेक्शन की मांग बढ़ने व कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए कोविड अधिकृत निजी अस्पतालों को ही इंजेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि सरकार की ओर से कोविड उपचार के लिए अनुमोदित निजी क्षेत्र और जिनको कलेक्टर द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है, वे हॉस्पिटल ही इन इंजेक्शन की मांग कर सकेंगे।

निजी क्षेत्र के चिकित्सालय सीएमएचओ एवं औषधि नियंत्रण अधिकारी को रेमडीसिविर इंजेक्शन की डिमांड बताएंगे। इसे जिले के दवा स्टॉकिस्ट द्वारा संबंधित सीएण्डएफ को भेजा जाएगा और वहां से उपलब्धता के अनुसार अधिकतम 2 दिन के लिए इंजेक्शन का स्टॉक जारी होगा।

इंफोर्मेशन टु इनसाइट : बदला हुआ वायरस इतना ताकतवर कि 3 दिन में डैमेज हो रहे फेफड़े
कोरोना मरीजों पर स्टडी हुई तो कई हैरान-परेशान करने वाले केस मिले। नए वायरस के चपेट में आए मरीज के लंग्स की स्थिति काफी खराब हो रही है। यानि पिछली बार के मुकाबले इस बार जो वायरस है, वो ज्यादा घातक है। एचआर-सीटी जांच में हर संक्रमित मरीज का स्कोर 15 से ऊपर मिल रहा है। जबकि पिछली बार गंभीर स्थिति में मरीज का एचआर-सीटी जांच स्कोर 15 के पार हो पाता था।

पिछले दिनों दिल्ली से आए सात युवकों की एचआर-सीटी जांच में स्कोर 15 से ज्यादा मिला। इन्हें सांवली में भर्ती कर इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान रजत नाम के युवक का शुगर लेवल 300 पार चला गया। जबकि डायबिटीज को लेकर युवक की पहले कोई हिस्ट्री नहीं थी।

कोरोना वायरस इतना ताकतवर हो चुका है कि फेफड़े 3 दिन में डैमेज हो रहे हैं। जबकि पहली लहर में यह स्थिति 7 दिन बाद मिल रही थी। इसे 40 साल की सुनीता की केस स्टडी से आसानी से समझ सकते हैं। उनकी चार दिन में 3 एसआर-सिटी जांच हुई तो उनके फेफड़े में संक्रमण 18 फीसदी से बढ़कर 78 प्रतिशत तक बढ़ गया।

चिंता बढ़ा रहे हैं ऐसे मामले
53 साल के ओमप्रकाश की आरटी-पीसीआर निगेटिव, एचआर-सीटी में 12 आया स्कोर : शहर के 53 के साल ओमप्रकाश की तबीयत अचानक बिगड़ गई। शुरुआत में उन्होंने आरटी-पीसीआर जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव मिली। फिर भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो एचआर-सीटी जांच कराई। एचआर-सीटी में वे संक्रमित मिले। एचआर-सीटी स्कोर 12 रहा।

राजा को डायरिया हुआ, एचआर-सीटी जांच कराई तो कोविड पॉजिटिव मिले : बीकानेर के राजा सेठी की एक सप्ताह से तबीयत बिगड़ी हुई थी । उन्हें जुकाम और डायरिया की शिकायत थी। संदेह में आरटी-पीसीआर जांच कराई। इसमें निगेटिव मिले, लेकिन दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिला। एचआर-सीटी जांच हुई तो वे पॉजिटिव मिले। स्कोर 13 फीसदी था।

अप्रैल में 500 पार हुए मरीज
कोरोना की दूसरी लहर का असर बढ़ता जा रहा है। इसी कारण जिले में अप्रैल महीने में ही 574 पॉजिटिव मिल चुके हैं। पिछले साल अप्रैल में सिर्फ पांच मरीज मिले थे।

1. पिछले साल संक्रमण बढ़ने का सिलसिला जुलाई में शुरू हुआ था, जब उस महीने 464 रोगी मिले थे।
2. पिछले साल सर्वाधिक मरीज नवंबर में आए थे। उस समय आंकड़ा 2123 था, जिसने सभी को चिंता में डाल दिया था।
3. जनवरी-21 में 118, फरवरी में 29 और मार्च में 154 कोविड संक्रमित आए।

एक्सपर्ट व्यू : नर्व सिस्टम पर भी अटैक कर रहा है कोरोना
नया कोरोना ज्यादा खतरनाक है। इसी का नतीजा है कि पॉजिटिव मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआत में खांसी-बुखार के बजाए उल्टी-दस्त और पेट दर्द के लक्षण मिल रहे हैं। वायरस नर्व सिस्टम और मसल्स को डैमेज कर रहा है। - डॉ. रमेश शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, आरयूएचएस हॉस्पिटल, जयपुर

अब जो मरीज मिल रहे हैं, उनकी एचआर-सीटी जांच में स्कोर 15 से ऊपर मिल रहा है। कई मरीज ऐसे भी है, जो आरटी-पीसीआर जांच में निगेटिव है, लेकिन एचआर-सीटी जांच में उनमें संक्रमण मिला है। वायरस के बदलने से मरीज में लक्षण बदले हैं।-डॉ. विजय मूंड, विशेषज्ञ रेडियोलॉजी

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