भारत

सीकर में भारी पड़ सकती है लापरवाही, दिखावे के लिए लगा रहे हैं मास्क

कोरोना की दूसरी लहर में सीकर में संक्रमितों के आंकड़े रोज रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। ये संकेत हैं संक्रमण बढ़ने के। अब भी आमजन नहीं संभले तो स्थिति भयावह होगी। बाजारों में जिस अंदाज में लोग मास्क लगाए दिख रहे हैं, वह संक्रमण को दावत देने जैसा है। अधिकतर लोग नाक के नीचे मास्क रख रहे है। इस दिखावे से कोरोना नहीं खत्म होने वाला।

नाक के नीचे मास्क
ज्यादातर लोग मास्क को पूरा नहीं पहनते हैं। नाक के नीचे मास्क मिलता है। कुछ का तो मुंह से भी नीचे होता है। ऐसे मास्क लगाने से कोई मतलब नहीं है। इस तरह कोरोना संक्रमण को नहीं रोका जा सकता। यह आमजन की लापरवाही खुद पर भारी पड़ सकती है।

खाने-पीने की दुकानों पर भी यही हाल
आमजन के अलावा खाने-पीने की दुकानों पर यही हाल है। दुकानदार भी मास्क को ढंग से लगाने में लापरवाही बरत रहे हैं। घनी आबादी में भी मास्क अच्छे से नहीं पहनना संक्रमित कर सकता है। वैसे भी सीकर में एक दिन पहले ही 145 पॉजिटिव आए हैं, जो पिछली कोरोना की लहर से भी अधिक बताए गए हैं। पिछली लहर में 10 अगस्त 2020 को जिले में एक दिन में 143 पॉजिटिव आए थे। अब तो पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया।

मृतकों की संख्या 106 हो चुकी
जिले में कोरोना के कारण लोगों की जानें जा रही हैं। मौत का आंकड़ा 106 पर पहुंच चुका है। अब एक्टिव केस 700 के आसपास आ गए हैं, जो बताता है कि कोरोना संक्रमण ज्यादा फैलने का डर है। जितने अधिक एक्टिव केस होंगे, उतना संक्रमण अधिक फैलता है। जिले में 13 महीनों में 11 बार 100 से अधिक कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं।

Leave A Comment