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दिल्ली में आज रात से 26 अप्रैल तक लॉकडाउन, केजरीवाल बोले, ‘घबराइये मत, मैं हूं ना’

कोरोना वायरस ने पूरे भारत में हाहाकार मचा रखा है। नए संक्रमितों की संख्या अब हर दिन करीब तीन लाख तक पहुंच गई है। अबतक पौने दो लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। देशभर में 19 लाख से ज्यादा लोग अभी संक्रमित हैं। कोरोना संकट को देखते हुए कई राज्यों ने सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। लोगों को घर में ही रहने की हिदायत की गई है। 

दिल्ली में आज रात 10 बजे से 6 दिन तक लॉकडाउन
दिल्ली में सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज रात 10 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक 6 दिन के लिए लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया गया है। सीएम और एलजी की बैठक में ये अहम फैसला हुआ है। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। लोगों की शादियां केवल 50 लोगों के साथ सम्पन्न होंगी, उसके लिए अलग से पास दिए जाएंगे। मुझे उम्मीद है कि यह छोटा लॉकडाउन है और छोटा ही रहेगा और शायद इसे बढ़ाने की जरूरत नहीं पडे़गी। यकीन मानिए सरकार आपका पूरा ख्याल रखेगी। घबराइए मत, मैं हूं ना।"
सीएम केजरीवाल ने कहा, पिछले 24 घंटे में लगभग 23,500 मामले आए हैं। संक्रमण दर बहुत ज्यादा बढ़ गई है। दिल्ली के अस्पतालों में बेड की भारी कमी हो रही है। ICU बेड लगभग खत्म हो रहे हैं। 100 से भी कम ICU बेड बचे हैं। दवाईयों की कमी हो रही है। दिल्ली में अब सख्त कदम उठाकर लॉकडाउन लगाना आवश्यक हो गया है।"

दिल्ली में शराब की दुकान के बाहर लोगों की कतार लगी
दिल्ली में 6 दिन के लिए लॉकडाउन का एलान होते ही गोले मार्केट इलाके में एक शराब की दुकान के बाहर लोगों की कतार लग गई। 

राजस्थान में 15 दिन तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां
राजस्थान में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए पाबंदियां 15 दिन तक के लिए बढ़ा दी गई हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए पूरे प्रदेश में 19 अप्रैल से तीन मई की सुबह 5 बजे तक कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। जन अनुशासन पखवाड़े के तहत इस दौरान सरकारी कार्यालय, बाजार, मॉल और सभी कार्यस्थल बंद रहेंगे। लेकिन मजदूरों के रोजगार से जुड़ी गतिविधियां जैसे फैक्ट्री और निर्माण कार्य पर रोक नहीं होगी। साथ ही ठेला और फेरी लगाकर जीवनयापन करने वाले लोगों को जीविकोपार्जन की छूट दी जाएगी। 

भारत की दूसरी कोविड लहर ज्यादा संक्रामक
भारत में कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर सितंबर 2020 में आई पहली लहर से अलग है, क्योंकि नए मामले बढ़ने की दर काफी अधिक है। लैंसेट कोविड-19 कमीशन इंडिया टास्क फोर्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि फरवरी से अप्रैल तक प्रतिदिन 10,000 से 80,000 नए मामलों की वृद्धि 40 दिनों से भी कम समय में हुई। पिछले सितंबर में इस सफर में 83 दिन लगे थे। 

दूसरा अंतर यह है कि सकारात्मक परीक्षण करने वाले कई और मामले स्पशरेन्मुख या हल्के रोगसूचक हैं, जिसके परिणामस्वरूप अस्पताल में भर्ती होने और मृत्युदर की अपेक्षाकृत कम दरें होती हैं। मार्च 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से समग्र मामला मृत्यु अनुपात (सीएफआर) लगभग 1.3 प्रतिशत बताया गया है, जबकि 2021 की शुरुआत से वायरस का अनुबंध करने वाले रोगियों के बीच सीएफआर 0.87 प्रतिशत से काफी कम है। 

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